जलवासिनी यक्षिणी साधना (रत्न-समृद्धि प्रदान करने वाली जल-तत्त्वाधिष्ठात्री यक्षिणी साधना) 1. यक्षिणी तत्त्व का परिचय“यक्षिण्यः तन्त्रशास्त्रे गुप्ताः सिद्धिदायिन्यः शक्तयः स्मृताः।न देवा न च दैत्यास्ता न च मानुषवृत्तयः ॥पृथ्वी-जल-वायु-तेजो-तत्त्वेषु संस्थिताः ।साधकस्य तपोबलात् जाग्रन्ति फलदायिन्यः॥” तांत्रिक परम्परा में यक्षिणियाँ पञ्चतत्त्वाधिष्ठित सूक्ष्म शक्तियाँ मानी गई हैं।ये साधक की श्रद्धा, जपबल एवं तत्त्व-साम्य के अनुसार प्रकट होकर फल प्रदानContinue reading “जल वासिनी यक्षिणी मंत्र साधना”