विभ्रमा यक्षिणी मंत्र साधना

विभ्रमा यक्षिणी साधना (काम्य फल प्रदान करने वाली रहस्यमयी यक्षिणी साधना) 1. यक्षिणी तत्त्व का परिचय“यक्षिण्यः तन्त्रशास्त्रे गुप्ताः सिद्धिदायिन्यः शक्तयः कथिताः।न देवा न च दैत्यास्ता, न च मानुषवृत्तयः।अन्तराले स्थिता शक्तयः साधकस्य संकल्पेन जाग्रति।” “न देवा न च गन्धर्वा न राक्षसगणा अपि ।यक्षिण्यः सिद्धिदा प्रोक्ता योगिनां वशवर्तिनः ॥”विभ्रमा नाम यक्षिणी विशेषतः वाणी, संकल्प, आकर्षण तथा मनोविभ्रम-नाशContinue reading “विभ्रमा यक्षिणी मंत्र साधना”

जल वासिनी यक्षिणी मंत्र साधना

जलवासिनी यक्षिणी साधना (रत्न-समृद्धि प्रदान करने वाली जल-तत्त्वाधिष्ठात्री यक्षिणी साधना) 1. यक्षिणी तत्त्व का परिचय“यक्षिण्यः तन्त्रशास्त्रे गुप्ताः सिद्धिदायिन्यः शक्तयः स्मृताः।न देवा न च दैत्यास्ता न च मानुषवृत्तयः ॥पृथ्वी-जल-वायु-तेजो-तत्त्वेषु संस्थिताः ।साधकस्य तपोबलात् जाग्रन्ति फलदायिन्यः॥” तांत्रिक परम्परा में यक्षिणियाँ पञ्चतत्त्वाधिष्ठित सूक्ष्म शक्तियाँ मानी गई हैं।ये साधक की श्रद्धा, जपबल एवं तत्त्व-साम्य के अनुसार प्रकट होकर फल प्रदानContinue reading “जल वासिनी यक्षिणी मंत्र साधना”

चंडवेगा यक्षिणी मंत्र साधना

चण्डवेगा) यक्षिणी साधना (रुद्रांशसम्भूता, दिव्य-रसायन प्रदायिनी यक्षिणी) 1. तत्त्व एवं शास्त्रीय परिचय“रुद्रांशसम्भवा शक्तिः वेगवत्यतिभैरवा ।छण्डवेगा इति ख्याता रसायनफलदायिनी ॥” तन्त्रशास्त्रों में छण्डवेगा यक्षिणी को रुद्र-तत्त्व से उत्पन्न,तीव्र वेग, गुप्त गति एवं देह-संरक्षण-शक्ति से युक्त बताया गया है।इनकी साधना देह, प्राण और रसायन-सिद्धि से सम्बन्धित मानी जाती है। “यत्र रुद्रस्य तत्त्वं स्यात् यत्र मौनं तपो बलम्Continue reading “चंडवेगा यक्षिणी मंत्र साधना”

यक्षिणी के प्रकार व लिस्ट

Yakshini Mantra List यक्षिणी मंत्र साधना Yakshini Sadhanaयक्षिणियों मे ऊर्जा की अपार क्षमता होती है । वह प्रसन्न होने पर कुछ भी प्रदान कर सकती हैं ।भौतिक सिद्धि एवं समृद्धि के लिए तथा अन्य अनेक समस्याओं के समाधान के निमित्त भी यक्षिणी साधना निश्चित रुपेण फलदायी होती है ।यक्ष और यक्षिणी : यक्ष की स्त्रियोंContinue reading “यक्षिणी के प्रकार व लिस्ट”

अष्ट यक्षिणियों साधना, तुरंत फल

Ashta Yakshini अष्ट का अर्थ होता है आठ (8) यक्षिणियां जो एक बार में ही सिद्ध हो जाती हैं, यक्षणियां सकारात्मक शक्तियां हैं जो साधक की प्रत्येक कदम पर साधना कि ऊंचाईओं पर ले जाने की क्षमता रखती हैं। यक्ष का शाब्दिक अर्थ होता है ‘चमत्कारी शक्ति’। आदिकाल में प्रमुख रूप से ये रहस्यमय जातियांContinue reading “अष्ट यक्षिणियों साधना, तुरंत फल”

सामान्य यक्षिणी साधना – यज्ञ विधान दिक्षा

यक्षिणी दिक्षा व हवन यज्ञ यक्षिणी साधना अत्यन्त ही सरल पुर्णतः सात्विक व सुरक्षित साधना होती है ।जिसे   कोई भी साधक सक्षम गुरु से विधिवत दीक्षा लेकर गुरु के निर्देशानुसार गुरु के सानिध्य में आसानी से संपन्न कर सकता है, इस साधना के सिद्ध हो जाने पर अभीष्ट यक्षिणी द्वारा अपनी उपस्थिति का आभास बनाएContinue reading “सामान्य यक्षिणी साधना – यज्ञ विधान दिक्षा”

Yakshini Tantra Video

यक्षिणी अप्सरा GULERIA SADHGURU Table No. Name Descriptions -1- यक्षिणी देवी यक्षिणी मंत्र साधना 2- Sawarn Yakshini स्वर्ण यक्षिणी साधना 3- SurSundri Yakshini सूरसुन्दरी यक्षिणी मंत्र साधना 4- AnuRagini Yakshini मंत्र साधना 5- KanakVati Yakshini कनकवती मंत्र साधना 6- Manoharini Yakshini मनोहरिणी मंत्र साधना 7- Padmini Yakshini पदमिनी मंत्र साधना 8- Kameshwari Yakshini कामेश्वरी यक्षिणीContinue reading “Yakshini Tantra Video”

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